
The National Consumer Disputes Redressal Commission (NCDRC) has increased compensation for an acid attack victim from Rs 13.19 lakh to Rs 17.21 lakh, LiveLaw reports. The Commission found that the Karnataka State…
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) ने एक एसिड अटैक पीड़ित के मुआवजे को 13.19 लाख से बढ़ाकर 17.21 लाख रुपये कर दिया है। आयोग ने पाया कि कर्नाटक राज्य आयोग ने सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल द्वारा जारी 75 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र की अनदेखी करते हुए पीड़ित की स्थायी विकलांगता का गलत आकलन 50 प्रतिशत किया था। बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में फार्मासिस्ट श्री रामनाथन एम. पर 2007 में एक स्टाफ नर्स ने हमला किया था जिसमें उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें 12 सर्जरी करानी पड़ी। NCDRC ने चेहरे के विरूपण के लिए मुआवजा बढ़ाकर 12.06 लाख रुपये कर दिया। यह आदेश बीमा कंपनी पीएनबी मेटलाइफ द्वारा लंबित एक अलग पुनरीक्षण याचिका के अधीन है।

यह आम धारणा कि भारतीय अदालतें एसिड अटैक पीड़ितों को बहुत कम मुआवजा देती हैं उसे यहां सुधारा गया है। NCDRC ने केवल राज्य आयोग के आदेश पर मुहर नहीं लगाई बल्कि एक सरकारी अस्पताल के 75 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र की अनदेखी जैसी स्पष्ट गलती को सुधारा। यह दिखाता है कि तथ्यों के सामने आने पर सिस्टम खुद को सुधार सकता है। हालांकि पीएनबी मेटलाइफ द्वारा लंबित पुनरीक्षण का मतलब है कि यह अंतिम फैसला नहीं है। क्या बीमा कंपनी मुआवजे को कम करने में सफल होगी या पीड़ित को अंततः पूरी चिकित्सकीय प्रमाणित राहत मिलेगी?
स्रोत: livelaw.in
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