
ONGC expects combined oil and gas production of about 39 million metric tonnes of oil equivalent in the current fiscal year and 40 MMTOE in 2027-28. Its standalone output was about 38.87…
ओएनजीसी को चालू वित्त वर्ष में लगभग 39 मिलियन मीट्रिक टन तेल और गैस के संयुक्त उत्पादन की उम्मीद है जो 2027-28 तक बढ़कर 40 मिलियन मीट्रिक टन हो जाएगा। पिछले साल कंपनी का स्टैंडअलोन उत्पादन लगभग 38.87 मिलियन मीट्रिक टन था। निदेशक (वित्त) अनुपम अग्रवाल ने कहा कि इस साल होने वाली वृद्धि मुख्य रूप से गैस उत्पादन से आएगी और 2027-28 में इसमें लगभग 1 मिलियन मीट्रिक टन की और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
अग्रवाल ने कहा कि यदि तेल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं तो गहरे समुद्र में अन्वेषण व्यावसायिक रूप से आकर्षक हो सकता है। उन्होंने कहा कि 60 से 65 डॉलर की कीमत पर ये परियोजनाएं अधिक जोखिम भरी होती हैं। ओएनजीसी विदेश ने भी वेनेजुएला में अपनी सैन क्रिस्टोबल और काराबोबो-1 परियोजनाओं के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं और कहा है कि प्रतिबंधों से संबंधित जोखिम कम हो गए हैं।
उत्पादन के ये लक्ष्य आत्मविश्वास तो दिखाते हैं लेकिन ये केवल अनुमान हैं न कि सुनिश्चित परिणाम। तेल की कीमतें, गहरे समुद्र में चल रही परियोजनाओं की लागत और भू-राजनीतिक स्थितियां जल्दी बदल सकती हैं। वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों के जोखिम कम होने संबंधी कंपनी के नजरिए को भी भविष्य के घटनाक्रमों के आधार पर परखा जाना बाकी है। ऊर्जा सुरक्षा एक उचित उद्देश्य है लेकिन आशावादी बयानों को इस बात का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी या अपेक्षित लाभ देंगी।
स्रोत: www.thehindu.com
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