
Pakistan's Charge d'Affaires in India, Saas Ahmad Warraich, raised the Kashmir issue at Pakistan's 80th Independence Day celebrations in New Delhi on Friday, saying lasting peace in South Asia requires resolving the…
नई दिल्ली में शुक्रवार को पाकिस्तान के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत स्थित पाकिस्तानी मिशन के प्रमुख साद अहमद वराइच ने कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप विवाद का समाधान जरूरी है। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक मील का पत्थर बताया। वराइच ने दावा किया कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता एक ‘स्थिरता कारक’ है और उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के लिए एक स्मृति दिवस का भी उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में ध्वजारोहण समारोह, पाकिस्तानी नेताओं के संदेशों का वाचन और पाकिस्तान के संस्थापक पर एक फोटो प्रदर्शनी शामिल थी।
ये टिप्पणियां इस बात को रेखांकित करती हैं कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर विवाद और अपने नए रक्षा गठबंधन के इर्द-गिर्द क्षेत्रीय सुरक्षा को पेश करने की कोशिश कर रहा है, जबकि भारत का रुख स्पष्ट है कि कश्मीर उसका आंतरिक मामला है और वह किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज करता है।
पाकिस्तानी दूत का भाषण एक तय पटकथा का पालन करता है, लेकिन मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का उल्लेख एक नया आयाम जोड़ता है। जहां कश्मीर एक जमा हुआ विवाद बना हुआ है, वहीं यह त्रिपक्षीय समझौता क्षेत्रीय गतिशीलता को बदल सकता है। अतीत के संघर्षों को देखते हुए परमाणु स्थिरता के बारे में डींगें खोखली लगती हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या भारत इस नए गठबंधन के साथ कूटनीतिक रूप से जुड़ता है या इसे केवल बयानबाजी मानकर खारिज कर देता है।
स्रोत: indiatoday.in
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