
Former world No. 1 badminton player Saina Nehwal said India must finish among the leading nations in the Olympic medals tally before it can call itself a sporting nation. Speaking at St…
पूर्व विश्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने कहा है कि ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष देशों में जगह बनाने के बाद ही भारत खुद को एक खेल राष्ट्र का दर्जा दे सकता है। शनिवार को सेंट जेवियर्स कॉलेज के अंतर-कॉलेजिएट फेस्टिवल मल्हार में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ओलंपिक और अन्य बड़े आयोजनों की मेजबानी करने के प्रयासों के साथ-साथ बेहतर प्रदर्शन करना भी अनिवार्य है।
नेहवाल ने कहा कि महिला खेलों में काफी सुधार हुआ है और हरियाणा की खिलाड़ी कुश्ती, मुक्केबाजी और बैडमिंटन में लगातार प्रगति कर रही हैं। उन्होंने शुरुआती फंडिंग, बेहतर प्रायोजन और मनोवैज्ञानिकों, प्रशिक्षकों तथा फिजियोथेरेपिस्ट समेत मजबूत सपोर्ट टीम की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में वित्तीय सुरक्षा अभी भी कमजोर है, जिसकी वजह से कई खिलाड़ी खेल को एक स्थायी पेशा नहीं मान पाते और रुचि खो देते हैं।
आमतौर पर यह माना जाता है कि भारत को केवल बड़े आयोजनों या अधिक सुविधाओं की आवश्यकता है। नेहवाल का तर्क अधिक व्यावहारिक और महत्वपूर्ण है कि पदक उस समर्थन पर निर्भर करते हैं जो प्रसिद्धि मिलने के पहले से मिलना शुरू होता है। केवल पैसा ही चैंपियन बनाता है, यह दावा भी बहुत सरल है। प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और निरंतर फंडिंग को एक साथ काम करना होगा। अगली चुनौती यह है कि क्या भारत अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से तराश कर अधिक एथलीटों को विश्व की शीर्ष 10 रैंकिंग तक पहुंचा सकता है।
स्रोत: thehindu.com
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