
The Supreme Court on Thursday rejected Ashish Mishra’s request to relax his bail conditions in the 2021 Lakhimpur Kheri violence case. His lawyer cited restrictions on attending family events, including his daughter’s…
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की जमानत शर्तों में ढील देने की मांग को खारिज कर दिया। उनके वकील ने बेटी के जन्मदिन सहित पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर लगी पाबंदियों का हवाला दिया था। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने शर्तों में बदलाव का कोई ठोस कारण नहीं पाया। अदालत ने गौर किया कि मिश्रा को पहले भी त्योहारों के दौरान परिवार से मिलने की सीमित अनुमति दी गई थी।
यह मामला 3 अक्टूबर 2021 को किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से संबंधित है जिसमें चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हुई थी। मिश्रा मुख्य आरोपी हैं और मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि 131 में से 51 गवाहों की गवाही अभी बाकी है। पीड़ितों के वकील ने गवाहों को लेकर चिंता जताई लेकिन अदालत ने उन्हें निचली अदालत में जाने का निर्देश दिया।
इस फैसले ने मुकदमे के जारी रहने तक मौजूदा सुरक्षा उपायों को कायम रखा है। पारिवारिक चिंताएं वाजिब हो सकती हैं लेकिन जमानत की शर्तें गवाहों और न्यायिक प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होती हैं। यह दावा करना कि यह फैसला दोष या अन्यायपूर्ण उत्पीड़न को साबित करता है उपलब्ध जानकारी से परे होगा। मुकदमे की प्रगति और गवाहों के साक्ष्यों का निपटारा मामले के निष्पक्ष आकलन के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।
सूत्र (2): nationalheraldindia.com, hindustantimes.com
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