
Leader of Opposition Tejashwi Yadav alleged on Friday that GRACE, the company that signed a Rs 22,500-crore MoU with the Bihar government on August 6, has a paid-up capital of just Rs…
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ग्रेस नाम की जिस कंपनी ने 6 अगस्त को बिहार सरकार के साथ 22,500 करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया है उसकी पेड-अप पूंजी केवल 11 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि यह कंपनी फरवरी 2026 में बनी है और सवाल उठाया कि इतनी छोटी कंपनी परमाणु ऊर्जा संयंत्र या अनुसंधान केंद्र में निवेश कैसे कर सकती है।
राजद नेता ने यह भी पूछा कि सरकार 2024, 2025 और उससे पहले हस्ताक्षरित 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की स्थिति का खुलासा क्यों नहीं कर रही है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कुल 51,600 करोड़ रुपये के निवेश वादों के हिस्से के रूप में इन एमओयू की घोषणा की थी। सरकार ने अभी तक इन आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया है।
तेजस्वी का यह हमला बिहार के उस पुराने चक्र को उजागर करता है जिसमें बड़े एमओयू तो होते हैं लेकिन काम बहुत कम दिखता है। कम पूंजी वाली नई कंपनी किसी बड़े निवेशक द्वारा समर्थित विशेष प्रयोजन वाहन हो सकती है लेकिन सरकार के पास पुराने वादों को ट्रैक करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। दोनों पक्ष अपनी सुविधा के अनुसार बयान दे रहे हैं जहां विपक्ष इसे ‘कागजी कंपनी’ बता रहा है वहीं सत्ताधारी दल निष्पादन पर कोई स्पष्टता नहीं दे रहा है। असली परीक्षा यह है कि क्या ग्रेस अगले एक साल के भीतर उद्योग विभाग के पास कोई ठोस परियोजना योजना जमा करती है। तब तक यह महज एक फोटो खिंचवाने का अवसर है।
स्रोत: thehindu.com
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