
सरकार ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे यात्री टिकटों पर औसतन 43 फीसदी की सब्सिडी देती है। यानी ₹500 की टिकट पर यात्रा की वास्तविक लागत करीब ₹877 है, जिसमें यात्री…
सरकार ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे यात्री टिकटों पर औसतन 43 फीसदी की सब्सिडी देती है। यानी ₹500 की टिकट पर यात्रा की वास्तविक लागत करीब ₹877 है, जिसमें यात्री ₹500 चुकाता है और बाकी ₹377 रेलवे वहन करता है। यह सब्सिडी सभी यात्रियों को मिलती है, सिर्फ किसी एक वर्ग को नहीं।

वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे ने यात्री किराए पर कुल करीब ₹60,239 करोड़ की सब्सिडी दी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह औसत आंकड़ा है, हर ट्रेन, रूट और क्लास पर सब्सिडी की रकम अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को अतिरिक्त रियायतें भी दी जाती हैं।
रेलवे की सब्सिडी को लेकर अक्सर दो चरम राय सुनने को मिलती हैं, एक कि यह किसानों और गरीबों पर बोझ है, दूसरी कि रेलवे बेहद कुशल है। लेकिन असलियत यह है कि 43 फीसदी सब्सिडी का औसत आंकड़ा हर टिकट पर लागू नहीं होता। स्लीपर और जनरल क्लास में यह सब्सिडी ज्यादा होगी, एसी में कम। असली परीक्षा तो यह होगी कि क्या रेलवे बिना किराया बढ़ाए अपनी सेवा की गुणवत्ता बनाए रख पाएगा? इस सवाल का जवाब आने वाले बजट में मिलेगा।
Sources (2): aajtak.in, bazaar.businesstoday.in
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.