
एमसीएक्स पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमत 2.5% गिरकर 1,38,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जो इस वर्ष जनवरी में बने सर्वकालिक उच्च स्तर 1,91,000 रुपये से 50,000 रुपये से अधिक कम है। यह गिरावट दिवाली और धनतेरस के त्योहारों से ठीक पहले आई है, जब पारंपरिक रूप से सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। पिछले साल (2025) दिवाली की तुलना में भी कीमतें कम हैं।

वैश्विक कारकों, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान तनाव, ब्याज दरों में वृद्धि और 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कच्चा तेल, को गिरावट का कारण बताया गया है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को एकमुश्त निवेश के बजाय SIP या किस्तों में सोना खरीदने और कम से कम दो साल के निवेश क्षितिज के साथ आने की सलाह दी है। आगे, अमेरिकी महंगाई घटने पर सोने की चमक लौटने की संभावना जताई गई है।
चालू वित्त वर्ष में सोने की कीमत लगभग 53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर गई है, जो सिर्फ़ रिकॉर्ड ऊंचाई से एक तुलना नहीं है बल्कि एक ऐसे उत्पाद पर 28% की गिरावट है जिसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। खरीदार अब ‘क्या यह सही समय है’ का मूल्यांकन कर रहे हैं, लेकिन लेख यह भी बताता है कि अमेरिका-ईरान युद्ध और ब्याज दर में बढ़ोतरी जैसी वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। स्रोत द्वारा सुझाई गई किस्तों में खरीदारी की रणनीति की एक देनदारी है: आगे की कीमतों का मार्गदर्शन पेशेवर सलाह पर निर्भर करता है, न कि किसी गारंटी पर। इसे देखते हुए, त्योहारी खरीदारी पर ध्यान इस सवाल को टाल देता है कि क्या यह गिरावट निवेश के लिए एक स्थायी आधार में बदलाव है या सिर्फ़ एक मौसमी अवसर है। इसका उत्तर उस समय तक नहीं मिलेगा जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं हो जाते।
Source: aajtak.in
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