
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Tata Sons को 'सिस्टमैटिकली इंपॉर्टेंट शैडो लेंडर्स' की सूची में बरकरार रखा है। इस सूची की सभी 17 कंपनियों को सार्वजनिक होना जरूरी है, जिनमें से 16…
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Tata Sons को 'सिस्टमैटिकली इंपॉर्टेंट शैडो लेंडर्स' की सूची में बरकरार रखा है। इस सूची की सभी 17 कंपनियों को सार्वजनिक होना जरूरी है, जिनमें से 16 पहले ही लिस्टेड हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार, Tata Sons IPO टालने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन छोड़ने की पेशकश कर चुका है, लेकिन फैसला लंबित है।
दबाव के बीच Hong Kong के Jardine Matheson का मॉडल रास्ता दिखा सकता है। इसने 2021 में अपनी सहायक Jardine Strategic को 5.5 अरब डॉलर में खरीदकर संरचना सरल की थी। Tata Sons SP Group (18.4% हिस्सेदारी) को कर्ज लेकर खरीद सकता है, जिसका मूल्य 20-30 अरब डॉलर अनुमानित है। बाद में IPO से कर्ज चुकाने और Tata Trusts का नियंत्रण बनाए रखने की योजना है।
इस कहानी में दो चरम नैरेटिव हैं, कि Tata Sons का IPO अटल है, या कि Jardine मॉडल हर समस्या का जादुई हल है। दरअसल, RBI का नियम सख्त है लेकिन वह छूट दे सकता है। वहीं, Jardine जैसा बाय-आउट महंगा होगा और कर्ज का बोझ बढ़ाएगा। असली परीक्षा यह होगी: क्या RBI Tata Sons के रजिस्ट्रेशन छोड़ने के आवेदन को मंजूर करता है? वही तय करेगा कि IPO टलता है या नहीं।
Source: bazaar.businesstoday.in
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