
राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा बुधवार को अलवर नगर निगम में अपनी ही सरकार के खिलाफ़ धरने पर बैठ गए। करीब सात साल से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के…
राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा बुधवार को अलवर नगर निगम में अपनी ही सरकार के खिलाफ़ धरने पर बैठ गए। करीब सात साल से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल रहे थे। मंत्री ने जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त पर लापरवाही का आरोप लगाया। चार घंटे चले धरने के बाद पाँच कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिसके बाद मंत्री ने आंदोलन समाप्त किया और मुख्यमंत्री का आभार जताया। संजय शर्मा ने कहा कि 16 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम में अन्य पात्र अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र सौंपे जाएँगे।
इस घटनाक्रम में दो बातें ध्यान खींचती हैं। एक तरफ़ मंत्री को 'जनता का सिपाही' बताकर प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाया जा रहा है, दूसरी तरफ़ यह साफ़ है कि चुनाव से पहले सरकार अपने ही मंत्री के दबाव में आई। आम जनता के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या 16 अगस्त को सभी पात्र सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिलते हैं या यह सिर्फ़ पाँच लोगों तक सीमित रह जाता है?
Source: aajtak.in
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