
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए शुद्धिकरण हवन को लेकर कांग्रेस के दलित अपमान के आरोपों को खारिज किया है।…
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए शुद्धिकरण हवन को लेकर कांग्रेस के दलित अपमान के आरोपों को खारिज किया है। धामी ने कहा कि खड़गे सम्मानित राष्ट्रीय नेता हैं और उनका अपमान करने की बात सोची भी नहीं जा सकती। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय वहां बीजेपी का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
खड़गे ने 13 अगस्त को राज्यसभा में कहा था कि मंच और मैदान के शुद्धिकरण से उन्हें छुआछूत जैसी पीड़ा हुई। 8 अगस्त की सभा के दो दिन बाद श्रीराम सेना से जुड़े लोगों ने हवन और गंगाजल का छिड़काव किया था। आयोजकों ने इसे धार्मिक भावनाओं और मैदान की कथित गंदगी से जोड़ा, जबकि कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव बताया।
इस विवाद को तुरंत दलित अपमान या महज राजनीतिक ‘विक्टिम कार्ड’ बताना दोनों ही अधूरा निष्कर्ष है। आयोजकों के दावे और कांग्रेस के आरोप, दोनों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। असली कसौटी यह होगी कि पुलिस हवन कराने वालों की भूमिका, कथित आपत्तिजनक नारों और छुआछूत विरोधी कानून के तहत शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है।
Sources (2): aajtak.in, bazaar.businesstoday.in
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.