
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी राष्ट्र बनने की किसी भी संभावना को ठुकरा दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह पीएम हैं, ऐसा नहीं…
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी राष्ट्र बनने की किसी भी संभावना को ठुकरा दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह पीएम हैं, ऐसा नहीं होगा। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15-सूत्रीय शांति रोडमैप को झटका लगा है। ट्रंप ने इस योजना को गाजा युद्ध खत्म करने की बड़ी सफलता बताया था।
नेतन्याहू ने शर्त रखी कि इजरायली सेना गाजा से तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास पूरी तरह हथियार न डाल दे। वहीं हमास ने कहा कि पहले इजरायल हमले रोके और सेना हटाए। आठ मुस्लिम देशों (यूएई, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब और मिस्र) ने चेतावनी दी है कि इजरायल के सैन्य अभियानों से ट्रंप की शांति योजना पटरी से उतर सकती है।
ट्रंप के 'बड़ी सफलता' के दावे को नेतन्याहू के साफ इनकार ने झूठा साबित कर दिया। दोनों पक्षों की शर्तें आपस में उलझी हैं- इजरायल चाहता है कि हमास पहले हथियार डाले, हमास चाहता है कि इजरायल पहले हमले रोके। मीडिया में बातचीत की उम्मीदें दिखाई गईं, लेकिन हकीकत जमीन पर सैन्य कार्रवाई की है। सवाल यह है कि क्या ट्रंप नेतन्याहू पर कोई दबाव डालेंगे, या यह रुख 2019 की तरह ही खारिज होता रहेगा?
Source: aajtak.in
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