
स्मार्टफोन का एयरप्लेन मोड सिर्फ हवाई यात्रा के लिए नहीं है। बाजार बिजनेस टुडे के अनुसार, कम बैटरी होने पर इसे ऑन करने से फोन का नेटवर्क, वाई-फाई और ब्लूटूथ बंद हो…
स्मार्टफोन का एयरप्लेन मोड सिर्फ हवाई यात्रा के लिए नहीं है। बाजार बिजनेस टुडे के अनुसार, कम बैटरी होने पर इसे ऑन करने से फोन का नेटवर्क, वाई-फाई और ब्लूटूथ बंद हो जाते हैं, जिससे बैटरी ज्यादा देर चलती है। कमजोर नेटवर्क वाली जगहों पर भी यह फायदेमंद है, क्योंकि फोन सिग्नल खोजना बंद कर देता है। चार्जिंग तेज करने और बच्चों को फोन देते समय भी यह उपयोगी है।
वहीं, ब्लूटूथ को हमेशा ऑन रखने से बैटरी पर ज्यादा असर नहीं पड़ता, क्योंकि आधुनिक फोन में ब्लूटूथ लो एनर्जी तकनीक होती है। लेकिन भीड़-भाड़ वाली जगहों पर यह सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकता है। हैकर्स ब्लूटूथ के जरिए डेटा तक पहुंच सकते हैं। अगर ब्लूटूथ का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो इसे बंद रखना बेहतर है।
बैटरी बचाने के लिए एयरप्लेन मोड और ब्लूटूथ के फायदे-नुकसान की बातें तो होती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या रोजमर्रा में इन्हें बंद रखना वाकई जरूरी है? नए फोन में ब्लूटूथ लो-एनर्जी तकनीक से बैटरी पर बड़ा असर नहीं पड़ता, जबकि पुराने फोन में थोड़ी बचत हो सकती है। सुरक्षा का खतरा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ही ज्यादा है। देखना होगा कि क्या लोग बिना वजह ब्लूटूथ ऑन रखने की आदत बदलेंगे।
Sources (2): bazaar.businesstoday.in, bazaar.businesstoday.in (2)
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