
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय पांच उष्णकटिबंधीय तूफान सक्रिय हैं। तूफान डॉल्फिन 9 अगस्त 2026 को चीन के झेजियांग प्रांत में 150 किमी/घंटा की रफ्तार…
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय पांच उष्णकटिबंधीय तूफान सक्रिय हैं। तूफान डॉल्फिन 9 अगस्त 2026 को चीन के झेजियांग प्रांत में 150 किमी/घंटा की रफ्तार से लैंडफॉल कर चुका है। चीन में 10 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया और करीब 1,500 उड़ानें रद्द हुईं।

ट्रॉपिकल स्टॉर्म चान-होम जापान की मुख्य भूमि की ओर बढ़ रहा है, जबकि मारियाना द्वीप समूह के पास तीन अन्य सिस्टम घूम रहे हैं। हालांकि ये तूफान भारत की ओर नहीं बढ़ रहे, लेकिन आज तक के अनुसार वैज्ञानिकों का मानना है कि ये बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्रों के विकास को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे भारतीय मॉनसून पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।

पश्चिमी प्रशांत में तूफानों की भीड़ को देखकर कई लोग घबरा रहे हैं कि इससे भारत का मॉनसून चौपट हो जाएगा। लेकिन सीधा प्रभाव न के बराबर है; असर अप्रत्यक्ष और अनिश्चित है। यह मान लेना कि हर प्रशांत तूफान मॉनसून को कमजोर करेगा, वैज्ञानिक रूप से गलत है। असली परीक्षा यह होगी कि अगले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनता है या नहीं।
Source: aajtak.in
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