
पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक साथ पांच उष्णकटिबंधीय चक्रवात सक्रिय हैं, जिनमें तूफान डॉल्फिन चीन के झेजियांग प्रांत में 150 किमी/घंटा की रफ्तार से लैंडफॉल कर चुका है। चीन में 10 लाख…
पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक साथ पांच उष्णकटिबंधीय चक्रवात सक्रिय हैं, जिनमें तूफान डॉल्फिन चीन के झेजियांग प्रांत में 150 किमी/घंटा की रफ्तार से लैंडफॉल कर चुका है। चीन में 10 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और 1,400 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। तूफान चान-होम जापान की ओर बढ़ रहा है, जबकि मारियाना द्वीप के पास तीन अन्य सिस्टम घूम रहे हैं। आजतक के अनुसार, इन तूफानों का भारतीय मॉनसून पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि ये बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।

इस बीच, नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि लेह में गुरुवार सुबह 6:05 बजे रिक्टर पैमाने पर 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में भी दो झटके (3.4 तीव्रता) महसूस किए गए थे।

प्रशांत में तूफानों की भीड़ और लेह में भूकंप अलग-अलग घटनाएं हैं, लेकिन इन्हें 'प्राकृतिक आपदाओं का संकट' बताने की जल्दबाजी अनावश्यक है। डॉल्फिन एक मजबूत तूफान था, लेकिन कैटेगरी 1 तूफान कोई अभूतपूर्व घटना नहीं है। सवाल यह है कि क्या इस साल भारत का मॉनसून सामान्य रहेगा या ये दूर के तूफान बारिश के पैटर्न को बदलेंगे? सितंबर के अंत तक का मॉनसून डेटा ही बताएगा कि ये चिंताएं वाजिब थीं या अतिरंजित।
Sources (2): aajtak.in, aajtak.in (2)
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.