
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला का भरोसेमंद केंद्र बनाने और अगले 5 से 7 वर्षों में लंबित काम पूरे करने का लक्ष्य…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला का भरोसेमंद केंद्र बनाने और अगले 5 से 7 वर्षों में लंबित काम पूरे करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग में लागत, गुणवत्ता और पैमाने पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा डिजाइन से उत्पादन तक पूरी शृंखला भारत में विकसित करने की बात कही। ‘शक्ति की सप्तधारा’ में मैन्युफैक्चरिंग, कृषि व खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक व नवाचार, गति-शक्ति, रक्षा, हरित व नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर शामिल हैं।

भाषण के आंकड़ों को उपलब्धि का अंतिम प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी। सरकार समर्थक कथा उत्पादन में 33 गुना और डिजिटल लेनदेन में 100 गुना वृद्धि गिनाती है, जबकि आलोचनात्मक कथा रोजगार, निर्यात और घरेलू मूल्यवर्धन का हिसाब मांगती है। दोनों में कुछ सच्चाई हो सकती है। सेमीकंडक्टर पर स्रोतों में भी अंतर है, तीन संयंत्रों से लेकर छह-सात संयंत्रों तक। असली कसौटी अगले वर्षों में उत्पादन, निर्यात और रोजगार के प्रकाशित आंकड़े होंगे।
Sources (4): aajtak.in, aajtak.in (2), aajtak.in (3), bazaar.businesstoday.in
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