
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने विनिर्माण, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, तकनीक व…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने विनिर्माण, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, तकनीक व इनोवेशन, कनेक्टिविटी, रक्षा, ग्रीन और ब्लू इकॉनमी तथा सॉफ्ट पावर को ‘शक्ति की सप्तधारा’ बताया। मोदी ने डिजाइन से उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन भारत में बनाने पर जोर दिया।

आजतक और बिजनेस टुडे के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना, मोबाइल उत्पादन 33 गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़ने का दावा किया। उन्होंने एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नए संयंत्रों की योजना भी बताई।
इस भाषण को आत्मनिर्भरता की पूरी सफलता बताना उतना ही जल्दबाज निष्कर्ष होगा, जितना हर सरकारी आंकड़े को प्रचार कह देना। उत्पादन और डिजिटल लेनदेन की वृद्धि बड़ी है, पर रोजगार, निर्यात, छोटे उद्योगों की हिस्सेदारी और आयात निर्भरता भी देखनी होगी। सेमीकंडक्टर और विनिर्माण के दावों की असली कसौटी अगले पांच वर्षों में चालू संयंत्रों, स्थानीय मूल्यवर्धन और टिकाऊ नौकरियों की संख्या होगी।
Sources (5): aajtak.in, aajtak.in (2), aajtak.in (3), bazaar.businesstoday.in, tupaki.com
This story was synthesised by AI from the 5 sources linked above.
Updated: this story now draws on 5 sources.