
15 अगस्त 2026 के आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरे गाने और उसके बाद राष्ट्रगान बजाने का प्रोटोकॉल बताया गया है। बिजनेस टुडे बाजार के अनुसार, पूरे गीत की…
15 अगस्त 2026 के आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरे गाने और उसके बाद राष्ट्रगान बजाने का प्रोटोकॉल बताया गया है। बिजनेस टुडे बाजार के अनुसार, पूरे गीत की अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड है। वंदे मातरम् को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान जन गण मन के बराबर सम्मान और दर्जा दिया गया था।
25 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए इसे सलाहकारी बताया। अदालत के अनुसार, वंदे मातरम् नहीं गाने पर कोई तय आपराधिक सजा नहीं है। कार्यक्रमों में सम्मानजनक व्यवहार और संस्थान के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
इस विषय पर दो अतिरंजित दावे फैल सकते हैं: हर व्यक्ति को पूरा गीत गाना कानूनी रूप से अनिवार्य है, या राष्ट्रीय गीत के सम्मान का कोई महत्व नहीं। उपलब्ध जानकारी दोनों से अलग तस्वीर देती है। प्रोटोकॉल आधिकारिक कार्यक्रमों का क्रम और आचरण बताता है, दंड नहीं। असली कसौटी यह होगी कि क्या किसी संस्थान ने सलाह को गलत तरीके से सजा या दबाव में बदला।
Sources (2): bazaar.businesstoday.in, tupaki.com
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.