
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाईवे हादसों में एंबुलेंस प्रतिक्रिया समय के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब दुर्घटना की सूचना मिलने के 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस को 10…
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाईवे हादसों में एंबुलेंस प्रतिक्रिया समय के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब दुर्घटना की सूचना मिलने के 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस को 10 किमी के दायरे में मौके पर पहुंचना होगा। घायल को एक घंटे में नजदीकी अस्पताल ले जाना अनिवार्य है। नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है।
नई व्यवस्था के तहत सभी एंबुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहनों में GPS डिवाइस और IoT सिम लगाए गए हैं। NHAI Care System और 1033 हेल्पलाइन के जरिए हादसों की सूचना मिलेगी। देशभर में लगभग 3,000 एंबुलेंस और 1,000 पेट्रोलिंग वाहन 50,000 किमी लंबे हाईवे नेटवर्क पर तैनात हैं।
नए नियम से उम्मीद जगी है, लेकिन महज आदेशों से सड़क सुरक्षा नहीं बदलती। NHAI के पास 50,000 किमी हाईवे पर सिर्फ 3,000 एंबुलेंस हैं, यानी हर 16 किमी पर एक। GPS और IoT सिम का जाल बिछा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तैनात एंबुलेंस और 1033 हेल्पलाइन की पहुंच पर सवाल बने हैं। असली परीक्षा तब होगी जब पहली बार किसी हादसे में 10 मिनट का लक्ष्य चूकने पर जुर्माना वसूला जाए। क्या NHAI अपनी ही कंपनियों पर पेनल्टी लगाएगा?
Source: bazaar.businesstoday.in
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