
కరూర్ తొక్కిసలాటలో మరణించిన 41 మంది కుటుంబాలకు తమిళనాడు ప్రభుత్వం ఇచ్చిన ఉద్యోగాలపై మద్రాస్ హైకోర్టు తీర్పును సుప్రీంకోర్టు నిలిపివేసింది. ముఖ్యమంత్రి విజయ్ నేతృత్వంలోని ప్రభుత్వం దాఖలు చేసిన పిటిషన్పై జస్టిస్ జేబీ పార్దివాలా, జస్టిస్ కే వినోద్ చంద్రన్ ధర్మాసనం రాష్ట్ర ప్రధాన…
करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों को तमिलनाडु सरकार द्वारा दी गई नौकरियों पर मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।

पिछले साल सितंबर में विजय के चुनाव प्रचार के दौरान हुई भगदड़ में आठ बच्चों समेत 41 लोगों की मौत हो गई थी और 46 लोग घायल हुए थे। सरकार ने लगभग 38 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को नौकरी दी थी। हालांकि मद्रास उच्च न्यायालय ने 27 जुलाई को यह कहते हुए इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया था कि ये संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन हैं। सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
इस घटनाक्रम को विजय सरकार की पूर्ण जीत मानना जल्दबाजी होगी। पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होने का सरकार का तर्क मानवीय है। वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरियों में समान अवसरों को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा जताई गई आपत्ति आम बेरोजगारों के अधिकारों से भी जुड़ी है। सुप्रीम कोर्ट की यह रोक अंतिम अनुमति नहीं है। अंतिम फैसले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या 38 नियुक्तियों का कोई कानूनी आधार है और क्या भविष्य के मामलों के लिए कोई स्पष्ट मानक तय हो पाएगा।
सूत्र (2): telugucinema.com, tupaki.com
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