
Twenty-one Tamil Nadu MPs have written to Governor Rajendra Vishwanath Arlekar seeking a clear protocol for anthems at official and university events. Their letter followed the 28 July convocation at Manonmaniam Sundaranar…
तमिलनाडु के 21 सांसदों ने राज्यपाल आर एन रवि को पत्र लिखकर आधिकारिक और विश्वविद्यालय कार्यक्रमों में गान के लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल की मांग की है। यह पत्र मनोनमण्यम सुंदरनार विश्वविद्यालय के 28 जुलाई के दीक्षांत समारोह के बाद लिखा गया है। खबरों के अनुसार वहां वंदे मातरम, राष्ट्रगान और तमिल थाई वाज़्तु का गायन इसी क्रम में हुआ था। सांसदों ने मांग की है कि तमिल थाई वाज़्तु को सबसे पहले और राष्ट्रगान को अंत में गाया जाना चाहिए।
सांसदों का कहना है कि इस क्रम को कई लोगों ने तमिल जनता और मनोनमण्यम सुंदरनार पिल्लई का अनादर माना है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार राजभवन के निर्देशों के चलते यह क्रम तय हुआ था जबकि इंडिया टुडे का कहना है कि राजभवन से कोई प्रतिक्रिया न मिलने के कारण इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है। तमिल थाई वाज़्तु को 2021 में तमिलनाडु का आधिकारिक राज्य गीत घोषित किया गया था।
यह मांग सार्वजनिक कार्यक्रमों में सरल और एक समान नियमों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। इस घटनाक्रम को जानबूझकर किया गया अपमान बताना उपलब्ध साक्ष्यों से आगे जाने जैसा होगा लेकिन चिंताओं को खारिज करना अनावश्यक तनाव को बढ़ावा दे सकता है। राजभवन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि विश्वविद्यालयों और सरकारी कार्यक्रमों के लिए एक प्रकाशित प्रोटोकॉल हो तो प्राथमिकता स्पष्ट होगी और औपचारिक निर्णयों को लेकर राजनीतिक अटकलों पर रोक लगेगी।
स्रोत (2): hindustantimes.com, indiatoday.in
यह खबर एआई द्वारा ऊपर दिए गए दो स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है।
अपडेट: यह खबर अब 2 स्रोतों पर आधारित है।