
Spain’s Ceuta is seeking mainland transfers for unaccompanied minors after about 72,000 migrants entered from Morocco in one week. Most returned, but about 1,100 minors remain, according to local authorities. Reception centres…
स्पेन के सेउटा में एक सप्ताह के भीतर मोरक्को से लगभग 72,000 प्रवासियों के आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन अकेले आए बच्चों को मुख्य भूमि पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहा है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश लोग वापस चले गए लेकिन करीब 1100 बच्चे अभी भी वहां मौजूद हैं। स्वागत केंद्र भरे हुए हैं और कई बच्चे गोदामों या सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। निवासियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मदद की गुहार लगाई है और स्पेन सरकार ने सेउटा के लिए 2.5 करोड़ यूरो की सहायता मंजूर की है।
वर्ष 2025 के सुधारों के तहत जरूरी है कि केस फाइलें पूरी होने के बाद बच्चों को अन्य राज्यों में भेजा जाए। पीपल्स पार्टी और वॉक्स द्वारा संचालित क्षेत्रीय सरकारों ने कहा है कि वे इन स्थानांतरणों का विरोध करेंगी। मौतों के आंकड़ों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है जहां द हिंदू ने करीब 75 मौतें बताई हैं वहीं हिंदुस्तान टाइम्स ने कम से कम 141 मौतों का दावा किया है। स्थानांतरण की प्रक्रिया में महीनों लग सकते हैं। द हिंदू के अनुसार 400 से ज्यादा बच्चों को पहले ही सेउटा से स्थानांतरित किया जा चुका है।
एक आम भारतीय पाठक के लिए यह घटना दर्शाती है कि मानवीय संकट कितनी तेजी से राजनीतिक विवाद में बदल सकता है। इन बच्चों की कानूनी स्थिति और कल्याण की सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है खासकर तब जब मौतों और आंकड़ों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हों। यह दावा करना कि प्रवासियों का इस्तेमाल यूरोप को ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा है या सिर्फ प्रवासन ही राष्ट्रीय पहचान के लिए खतरा है यह ठोस तथ्यों के बजाय केवल कड़े निष्कर्ष हैं। सामूहिक जिम्मेदारी के नाम पर कानूनी प्रक्रिया या मानवीय व्यवहार से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
स्रोत (2): thehindu.com, hindustantimes.com
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