
Union agriculture minister Shivraj Singh Chouhan on Friday launched a central bank digital currency-based direct benefit transfer system for food subsidies in Chandigarh under the Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana. Chandigarh…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत चंडीगढ़ में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली का शुभारंभ किया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली इस मॉडल को लागू करने वाले पहले क्षेत्र हैं।
पात्र लाभार्थियों को सीबीडीसी वॉलेट में सब्सिडी टोकन प्राप्त होंगे और वे इनका उपयोग सूचीबद्ध व्यापारियों से खाद्यान्न खरीदने के लिए कर सकेंगे। इस प्रणाली को भुगतानों को पारदर्शी बनाने और उनके उपयोग को केवल खाद्य खरीद तक सीमित रखने के लिए तैयार किया गया है। परिवार गेहूं और चावल के साथ-साथ दालें और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी चुन सकेंगे। अधिकारियों को विस्तार से पहले परिचालन संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए कहा गया है। यह योजना उस कार्यक्रम का हिस्सा है जो 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराता है।
यह दावा करना कि केवल डिजिटल वितरण से ही लीकेज खत्म हो जाएगा बहुत जल्दबाजी है और यह डर भी समय से पहले है कि हर लाभार्थी को बाहर कर दिया जाएगा। असली परीक्षा यह है कि क्या लोग सीबीडीसी वॉलेट खोलकर उसका उपयोग कर पाएंगे और बिना तकनीकी मदद के सही सब्सिडी प्राप्त कर सकेंगे या नहीं। चंडीगढ़ एक नियंत्रित पायलट प्रोजेक्ट है और यह इस बात का प्रमाण नहीं है कि यह मॉडल पूरे ग्रामीण भारत में काम करेगा। इसका भविष्य उपयोग और असफल लेनदेन की दर पर निर्भर करेगा।
स्रोत: hindustantimes.com
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