
A 28-year-old man died after suffering an electric shock while charging his e-rickshaw at a station in west Delhi’s Punjabi Bagh on Thursday. The deceased, Yograj Gautam, a resident of Bulandshahr in…
पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में गुरुवार को ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर करंट लगने से 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले मृतक योगराज गौतम को बालाजी एक्शन अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने लापरवाही के कारण मौत के मामले में चार्जिंग स्टेशन के मालिक बाली खन्ना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार गौतम दोपहर करीब 3 बजे एलएससी मार्केट स्थित पुष्पा चैंबर में बिजली के संपर्क में आए। अधिकारी ने बताया कि स्टेशन पर इस्तेमाल की गई सामग्री और सुरक्षा मानकों को लेकर खन्ना से पूछताछ की जा रही है। मृतक अविवाहित था और पश्चिम पुरी में अपने माता पिता और भाई के साथ रहता था।
यह दुखद घटना केवल एक अकेली चूक नहीं है बल्कि भारतीय शहरों में हजारों अनियमित ई-रिक्शा चार्जिंग केंद्रों पर सुरक्षा मानकों के ढीले प्रवर्तन का परिणाम है। यह धारणा कि ई-रिक्शा मूल रूप से असुरक्षित हैं उस सच्चाई को नजरअंदाज करती है कि वे लाखों लोगों को किफायती और पर्यावरण के अनुकूल कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या दिल्ली सरकार नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करती है और रोकी जा सकने वाली मौतों के लिए मालिकों को आपराधिक रूप से जवाबदेह ठहराती है।
स्रोत: hindustantimes.com
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