
The Maharashtra government has formed a four-member committee led by former Atomic Energy Commission chairman Anil Kakodkar to assess the proposed Pune-Nashik Semi-High-Speed Railway’s impact on the Giant Metrewave Radio Telescope at…
महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के खोडद स्थित जायंट मीटरवे रेडियो टेलीस्कोप पर प्रस्तावित पुणे-नाशिक सेमी-हाई-स्पीड रेलवे के संभावित असर का आकलन करने के लिए पूर्व परमाणु ऊर्जा आयोग अध्यक्ष अनिल काकोडकर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति मूल और संशोधित अलाइनमेंट के विद्युत चुंबकीय, परिचालन और तकनीकी प्रभावों की जांच करेगी।
समिति टनलिंग, एलिवेटेड कॉरिडोर और सीमित रिलाइनमेंट जैसे विकल्पों पर विचार करेगी। यह यात्रा के समय, लागत, भूमि अधिग्रहण, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय लाभों का भी आकलन करेगी। उम्मीद है कि समिति सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यह समीक्षा वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा जीएमआरटी के अवलोकन में संभावित बाधा की चिंताओं के बाद शुरू की गई है।
समिति की समीक्षा परिवहन की जरूरतों और वैज्ञानिक कार्यों के बीच उपजे संघर्ष को सुलझाने का एक उचित तरीका है। बिना किसी तकनीकी प्रमाण के यह दावा करना कि रेलवे निश्चित रूप से टेलीस्कोप को नुकसान पहुंचाएगा या सभी रूट बदलावों को खारिज कर दिया जाना चाहिए, जल्दबाजी होगी। उपलब्ध विवरणों में मापी गई बाधा या लागत की पूरी तुलना नहीं दिखाई गई है। अंतिम निर्णय सभी विकल्पों के पारदर्शी और विशेषज्ञ मूल्यांकन के बाद लिया जाना चाहिए।
स्रोत: www.freepressjournal.in
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