श्रीनगर रिश्वतखोरी मामला: पूर्व इंजीनियर और अर्दली को चार साल की सजा

ACB court convicts former executive engineer, orderly in bribery trap case

A Special Anti-Corruption Court in Srinagar has convicted former Rural Engineering Wing executive engineer Ghulam Nabi Dar and orderly Mohd. Shameem Parra in a bribery trap case. The court sentenced each to…

संक्षेप में खबर

श्रीनगर की एक विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने पूर्व ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग के कार्यकारी इंजीनियर गुलाम नबी डार और अर्दली मोहम्मद शमीम पर्रा को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों को चार साल की साधारण कैद और प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

तत्कालीन विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन ऑफ कश्मीर द्वारा एफआईआर संख्या 02/2014 के रूप में दर्ज इस मामले में ठेकेदार का बिल पास करने के बदले अवैध रिश्वत की मांग और उसे स्वीकार करना शामिल था। अदालत ने दोनों को जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और रणबीर दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश तस्लीम आरिफ ने 14 अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाया।

द इंडियन ओपिनियन

इस मामले को न तो यह कहकर खारिज किया जाना चाहिए कि भ्रष्टाचार हर जगह व्याप्त है और न ही यह मान लेना चाहिए कि एक सजा यह साबित करती है कि व्यवस्था पूरी तरह काम कर रही है। यह जरूर दिखाता है कि रिश्वतखोरी का एक मामला एक दशक बाद भी फैसले तक पहुंच सकता है। हालांकि वास्तविक परीक्षा यह है कि क्या सरकारी विभाग बिना अवैध भुगतान के ठेकेदारों के बिलों का निपटान कर रहे हैं और क्या लंबित भ्रष्टाचार निरोधक मामले एफआईआर संख्या 02/2014 से तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।


स्रोत: greaterkashmir.com

यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा तैयार की गई है।

Ask their opinion on this story
They have read this article, our coverage, and the web.
AI simulations of historical figures. Responses are generated from the historical record, not authentic statements.

0 Votes: 0 Upvotes, 0 Downvotes (0 Points)

Share your opinion

Loading Next Post...
Search Trending
Ask their opinion
Loading

Signing-in 3 seconds...

Signing-up 3 seconds...

All fields are required.