भारत ने कश्मीर पर नॉर्वे की टिप्पणी को नकारा, आतंकवाद पर करारा जवाब

ఆడ్రి హెప్బర్న్ స్టైల్ రిమైండ్.. తారా సుతారియా లుక్ వైరల్!

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संक्षेप में खबर

भारत ने कश्मीर पर नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे की टिप्पणी को दृढ़ता से खारिज किया है और जम्मू, कश्मीर तथा लद्दाख के पूरे क्षेत्र को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से संचालित सीमा पार आतंकवाद पर चिंता जतानी चाहिए। ईडे ने गुरुवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी और बाद में अन्य क्षेत्रीय मुद्दों के साथ कश्मीर पर चर्चा की थी।

India rejects Norway remark on Kashmir, hits back on terror

जायसवाल ने सिंधु जल संधि पर भारत का रुख भी दोहराया, जिसे नई दिल्ली ने अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद निलंबित कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में पहले इस निलंबन की आलोचना की थी।

India rejects Norway remark on Kashmir, hits back on terror

द इंडियन ओपिनियन

वही पुरानी पटकथा फिर से दोहराई जा रही है। एक विदेशी गणमान्य व्यक्ति इस्लामाबाद का दौरा करता है, कश्मीर पर पाकिस्तान का पक्ष सुनता है और एक ‘संतुलित’ टिप्पणी करता है, जिसे भारत तुरंत हस्तक्षेप बताकर खारिज कर देता है। ओस्लो की शब्दावली ने नई दिल्ली को बातचीत का रुख पीओके से सीमा पार आतंकवाद की ओर मोड़ने का एक आसान मौका दे दिया है, एक ऐसी रणनीति जिसने पहले भी काम किया है। असली परीक्षा यह है कि क्या पश्चिमी देश अंततः हाफिज सईद के बुनियादी ढांचे पर पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे या केवल दोनों पक्षों के बीच ‘बातचीत’ का आह्वान करते रहेंगे। नॉर्वे के लिए एक तीखा सवाल है क्या आप पीओके से आतंकवाद की उतनी ही स्पष्टता से निंदा करेंगे जितनी स्पष्टता से आपने सिंधु संधि पर बातचीत का आग्रह किया है?


स्रोत (8): tupaki.com, tupaki.com (2), tupaki.com (3), tupaki.com (4), tupaki.com (5), tupaki.com (6), aajtak.in, aajtak.in (2)

यह खबर ऊपर दिए गए 8 स्रोतों से एआई द्वारा संश्लेषित की गई है।

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