
Israeli Defence Minister Israel Katz on Friday ordered the military to draft a plan transferring all law-enforcement powers over Israeli settlers in the occupied West Bank from the army to the police.…
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को सेना को निर्देश दिया कि वे वेस्ट बैंक में रहने वाले इजरायली निवासियों पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सेना से हटाकर पुलिस को सौंपने की योजना तैयार करें। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार यदि यह बदलाव लागू होता है तो इस क्षेत्र में इजरायली बस्तियों से संबंधित नागरिक मामलों की जिम्मेदारी पुलिस के पास होगी जबकि फिलिस्तीनी निवासियों पर नियंत्रण सेना के पास बना रहेगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब यहूदी निवासियों ने पिछले रविवार से नाबलूस के पास कुसरा में तीन फिलिस्तीनी घरों को घेर रखा है और वहां भोजन की आपूर्ति रोक दी है। सेना ने उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया लेकिन वह बार बार विफल रही। काट्ज का तर्क है कि सेना को फिलिस्तीनी आतंकवाद से लड़ने पर ध्यान देना चाहिए न कि निवासियों की पुलिसिंग पर।
यहाँ दो सतही विचार चल रहे हैं। एक का कहना है कि पुलिस को जिम्मेदारी सौंपना एक तकनीकी सुधार है जबकि दूसरा इसे सीधे तौर पर विलय की दिशा में उठाया गया कदम मान रहा है। पहली राय इस बात को अनदेखा करती है कि काट्ज ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे सेना को निवासियों की निगरानी से मुक्त करना चाहते हैं जो नेतन्याहू के धुर दक्षिणपंथी सहयोगियों के लिए एक राजनीतिक उपहार है। दूसरी राय यह भूल जाती है कि पुलिस बल भी अंततः उसी सरकार के अधीन काम करते हैं। अब एक ठोस परीक्षा पर नजर रखने की जरूरत है कि क्या पुलिस वास्तव में बस्तियों को हटाएगी या फिर आँखें मूंद लेगी। इसका जवाब ही यह तय करेगा कि यह केवल वर्दी बदली गई है या फिर नीति में बदलाव आया है।
स्रोत: thehindu.com
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