
The Karnataka High Court on August 14 refused to grant interim protection from arrest to former KPSC chairman Shivashankarappa Sahukar in a case related to alleged irregularities in the veterinary officer recruitment…
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती घोटाले से संबंधित मामले में पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति एस विश्वजीत शेट्टी ने अग्रिम जमानत की अंतरिम याचिका को ठुकरा दिया और मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त के लिए तय की। अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी जा रही है।

सत्र अदालत ने 11 अगस्त को ही साहूकार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का उल्लेख किया था जिसमें योग्य उम्मीदवारों को अवसर से वंचित किया गया। यह मामला जुलाई 2026 की एक शिकायत से जुड़ा है। इसमें आरोप है कि केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों ने 400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों की चयन प्रक्रिया में शीर्ष रैंक हासिल की जबकि सामान्य उम्मीदवारों ने 400 से अधिक अंक पाए और स्वर्ण पदक विजेता 350 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।
यह मामला उस आम नैरेटिव को पुष्ट करता है कि भ्रष्टाचार की जांच में प्रभावशाली हस्तियों के लिए अग्रिम जमानत अनिवार्य है। सत्र अदालत ने सही कहा है कि बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आरोपी ने जमानत याचिका में अपने पूर्व अध्यक्ष पद का उल्लेख छिपाया। असली परीक्षा यह होगी कि क्या 18 अगस्त को यह स्पष्ट कानूनी मानक तय होता है कि कब अग्रिम जमानत देना अनुचित है और कब यह दबाव बनाने का उपकरण बन जाती है।
स्रोत: livelaw.in
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