
Jodhpur district election officer Ashish Kumar Mishra issued a notice to BJP MP Manna Lal Rawat for failing to update employee records on a government portal, unaware that Rawat had resigned from…
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने भाजपा सांसद मन्ना लाल रावत को एक सरकारी पोर्टल पर कर्मचारी रिकॉर्ड अपडेट न करने के लिए नोटिस जारी किया। अधिकारी इस बात से अनजान थे कि रावत ने चुनाव लड़ने के लिए 2024 में ही परिवहन विभाग का वह पद छोड़ दिया था। सोशल मीडिया पर मजाक उड़ने के बाद अगले ही दिन नोटिस वापस ले लिया गया। रावत ने पुष्टि की कि अधिकारी ने फोन कर माफी मांगी है। इस चूक ने यह उजागर कर दिया कि चुनाव अधिकारियों की सूची में रावत के इस्तीफा देने के करीब तीन साल बाद भी उन्हें सरकारी कर्मचारी के रूप में दिखाया जा रहा था जो राज्य की डिजिटल प्रणालियों के डेटा रखरखाव पर सवाल खड़े करता है।
जोधपुर का यह मामला दो बेकार की चर्चाओं को हवा देगा कि सरकार भाजपा सांसद को निशाना बना रही है या फिर छोटी नौकरशाही हमेशा खलनायक होती है। ये दोनों ही बातें सही नहीं हैं। यह नोटिस एक पोर्टल पर डेटा एंट्री की सीधी सी गलती थी जिसे 18 महीने पहले ही रावत के इस्तीफे के साथ अपडेट हो जाना चाहिए था। असली परीक्षा यह है कि क्या जिला निर्वाचन विभाग अब अपने पूरे कर्मचारी डेटाबेस का ऑडिट करेगा। कितने अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी अभी भी सक्रिय सूची में दर्ज हैं। यह संख्या ही बताएगी कि यह एक बार हुई गलती थी या व्यवस्था में कोई बड़ी खामी।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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