
Punjab's Sadak Surakhya Force (SSF) has unveiled plans to become India's first 3D police force by integrating drones, satellite data, and AI-powered predictive systems. The dedicated highway patrol, launched by Chief Minister…
पंजाब की सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) ने ड्रोन, सैटेलाइट डेटा और एआई आधारित प्रेडिक्टिव सिस्टम को जोड़कर भारत की पहली 3D पुलिस फोर्स बनने की योजना का खुलासा किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जनवरी 2024 में शुरू किए गए इस समर्पित हाईवे पेट्रोल दल ने फरवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में मदद पहुंचाई और 47,386 लोगों की सहायता की।
बल का दावा है कि पेट्रोलिंग वाले इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 45 से 48 प्रतिशत की कमी आई है और यह संख्या 2023 में 1,955 से घटकर 2024 में 1,016 रह गई है। 144 हाई-टेक वाहनों और 28 प्रतिशत महिलाओं सहित 1,600 से अधिक कर्मियों से लैस एसएसएफ दुर्घटनाओं के बाद 6 से 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचती है। दूसरे चरण में कवरेज को 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर किया जाएगा।
एसएसएफ का दावा है कि मौतों में 45 से 48 प्रतिशत की कमी आई है और विजन एसएसएफ-2047 पंजाब को भारत का सड़क सुरक्षा हब बना देगा। हालांकि ये आंकड़े पुलिस द्वारा संचालित एक बल के शुरुआती दावे हैं जिनका स्वतंत्र ऑडिट नहीं हुआ है। आलोचक गौर करेंगे कि यह बल अफीम की जब्ती और आत्महत्या रोकने जैसे काम भी कर रहा है जो हाईवे से परे उसके दायरे को बढ़ाते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या सैटेलाइट आधारित प्रेडिक्टिव पुलिसिंग वास्तव में मौतों को कम करेगी या यह सिर्फ एक महंगी निगरानी प्रणाली बनकर रह जाएगी। स्वतंत्र डेटा से पता चलेगा कि बचाई गई 940 जानों में से वास्तव में कितनी जान बची हैं।
स्रोत: timesnownews.com
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