
The Lok Sabha has passed a taxation bill allowing special purpose vehicles (SPVs) of REITs and InvITs to opt for the concessional corporate tax regime, while making dividend income tax-free for unitholders.…
लोकसभा ने एक कर विधेयक पारित कर REIT और InvIT की विशेष प्रयोजन इकाइयों (SPVs) को रियायती कॉरपोरेट कर व्यवस्था अपनाने की अनुमति दे दी है, जिससे यूनिटधारकों को लाभांश आय कर-मुक्त हो जाएगी। हालांकि, SPVs पर उपकर (surcharge) 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे लाभ कम हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से संरचनात्मक जटिलताएं कम होंगी, लेकिन उपकर में वृद्धि संभावित लाभों को कम कर सकती है।
सिरिल अमरचंद मंगलदास के कुणाल सावनी ने कहा कि उपकर एक राजस्व-संतुलन उपाय है। नुवामा वेल्थ के राहुल जैन ने कहा कि निकट भविष्य में प्रति यूनिट वितरण घट सकता है। सीएनके के पल्लव प्रद्युम्न नारंग ने कम उपकर दर की मांग की। उच्च उपकर के बावजूद, नई व्यवस्था के तहत प्रभावी कर दर लगभग 28.60 प्रतिशत है, जबकि पुरानी व्यवस्था में यह 34.94 प्रतिशत थी।
उद्योग संगठनों और विशेषज्ञों ने सरकार से उपकर वृद्धि पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है, जबकि कुछ विश्लेषकों को उम्मीद है कि SPVs चरणबद्ध तरीके से नई व्यवस्था में शिफ्ट होंगी, क्योंकि यह अभी भी कर लाभ प्रदान करती है।
स्रोत: thehindubusinessline.com
यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई है।