
A 14-year-old girl from Lucknow who ran away to Ajmer, 700 km away, after being scolded for her studies returned home after police staged a video call showing her mother as unwell.…
पढ़ाई के लिए डांट मिलने पर लखनऊ से 700 किमी दूर अजमेर भागी एक 14 वर्षीय किशोरी पुलिस द्वारा मां की बीमारी का वीडियो दिखाए जाने के बाद घर लौट आई। किशोरी 9 अगस्त को घर से निकली थी और उसने पान की दुकान पर एक नोट छोड़ा था। उसने अनजान व्यक्ति के फोन से अपने परिवार को बिना कुछ बोले कॉल किया था जिसे हजरतगंज पुलिस ने ट्रेस कर अजमेर तक खोज निकाला।
पुलिस ने एक अस्पताल के साथ समन्वय कर मां रूबी का स्ट्रेचर पर लेटे हुए वीडियो बनाया। वीडियो देखकर किशोरी ने अपनी लोकेशन बता दी। पुलिस टीम उसे वापस लखनऊ ले आई और परिजनों को सौंप दिया। उसके पिता एक श्रमिक हैं।
यह भावुक पुनर्मिलन एक कड़वी सच्चाई को छिपाता है कि पढ़ाई का दबाव बच्चों को बड़े कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकता है। पुलिस की चतुराई से मामला सुलझ तो गया लेकिन यह बात गौण हो गई कि छठी कक्षा की छात्रा को घर से भागने की जरूरत क्यों महसूस हुई। उसके पास फोन नहीं था फिर भी उसने संपर्क करने की कोशिश की जो दर्शाता है कि वह जुड़ी रहना चाहती थी। असली परीक्षा यह है कि क्या यह घटना घर में पढ़ाई की उम्मीदों को लेकर खुली बातचीत का जरिया बनेगी।
स्रोत: hindustantimes.com
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