
The Telangana Drugs Control Administration (DCA) has issued show-cause notices to 43 medical shops after a statewide enforcement drive on August 14 detected violations in the sale of weight loss drugs such…
तेलंगाना ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) ने 43 मेडिकल दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई 14 अगस्त को राज्यव्यापी अभियान के दौरान मौन्जारो, ओज़ेम्पिक, वेगोवी और रायबेल्सस जैसी वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री में उल्लंघन पाए जाने के बाद की गई है। DCA ने बताया कि जांच में टिरज़ेपेटाइड और सेमाग्लूटाइड युक्त दवाओं के साथ-साथ उनके जेनेरिक समकक्षों पर ध्यान केंद्रित किया गया, खासतौर पर नकली या मिलावटी बैचों पर। अधिकारियों ने बिना प्रिस्क्रिप्शन के बिक्री, बिल न जारी करने, और पंजीकृत फार्मासिस्ट के बिना दवा वितरण जैसी अनियमितताएं पाईं। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत आगे की कार्रवाई लंबित है।


DCA का यह अभियान इंजेक्टेबल वजन घटाने वाली दवाओं के अनियंत्रित व्यापार पर सही निशाना है, जिनके लिए फार्मेसी काउंटर नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की निगरानी जरूरी है। लेकिन 43 दुकानों पर छापे की सुर्खियां उन उल्लंघनों को लेकर डर पैदा कर सकती हैं, जो अधिकतर रजिस्टर न होने या फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति जैसी प्रशासनिक चूकें हैं। असली परीक्षा यह होगी कि इनमें से कितने नोटिस खतरनाक नकली दवाएं बेचने के लिए वास्तविक मुकदमों तक पहुंचते हैं, न कि 1940 के एक्ट के तहत सिर्फ बही-खाता जुर्माना। DCA ने कितनी पुष्टि की हुई नकली शीशियां जब्त की हैं? यह संख्या ही बताएगी कि यह एक सार्थक कार्रवाई थी या सिर्फ कागजी छापा।
स्रोत (2): siasat.com, thehindu.com
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