
Two reviews pan Vishal's directorial debut Magudam (also titled Makutam), calling it overlong and formulaic. Cinemaexpress.com gives 2/5, noting the second half is a "three-hour film in itself" and criticises politically-laced scenes.…
विशाल के निर्देशन में बनी पहली फिल्म मकुडम (जिसे मकुतम भी कहा जाता है) को दो समीक्षाओं में बहुत लंबी और घिसी-पिटी बताया गया है। Cinemaexpress.com ने इसे 5 में से 2 रेटिंग दी है और कहा है कि फिल्म का दूसरा हिस्सा अपने आप में तीन घंटे का है। साथ ही फिल्म में मौजूद राजनीतिक दृश्यों की भी आलोचना की है। Binged.com ने इसे उबाऊ करार देते हुए कहा है कि विशाल दोहरी भूमिका में काफी कमजोर नजर आए हैं। हालांकि दोनों समीक्षकों ने फिल्म के पहले हिस्से की कुछ तारीफ की है लेकिन वे इस बात पर सहमत हैं कि पटकथा पूरी तरह विफल रही है। फिल्म तीन घंटे से अधिक लंबी है और समीक्षकों ने इसे मध्यमवर्गीय जीवन के पुराने चित्रण और बर्बाद क्षमता का उदाहरण बताया है।
मकुडम की खामियों के लिए विशाल की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को जिम्मेदार ठहराना आसान है। लेकिन समस्या इससे कहीं अधिक सरल है और वह है फिल्म की तीन घंटे लंबी अवधि जिसे कहानी संभाल नहीं पाई। सवाल यह है कि क्या किसी अभिनेता के निर्देशक के रूप में पहली फिल्म और वह भी दोहरी भूमिका वाली ऐसी आलोचनाओं से बच सकती है। असल परीक्षा इस सप्ताहांत दर्शकों की प्रतिक्रिया से होगी।
स्रोत (2): cinemaexpress.com, binged.com
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