
भारतीय रेलवे की 1.3 किलोमीटर लंबी डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन ने जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) से गुजरात के वर्नामा तक करीब 422 किलोमीटर की दूरी तय की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव…
भारतीय रेलवे की 1.3 किलोमीटर लंबी डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन ने जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) से गुजरात के वर्नामा तक करीब 422 किलोमीटर की दूरी तय की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन का वीडियो साझा किया। ट्रेन 21 अगस्त की शाम JNPT से रवाना हुई थी।

ट्रेन में दो डबल स्टैक रेक जोड़े गए थे। इसमें 360 TEU कंटेनर और कुल 3,922 टन माल लदा था। आगे वाले रेक का भार 1,817 टन और पीछे वाले रेक का भार 2,105 टन था। रेलवे के मुताबिक, ऐसी ट्रेनें एक बार में ज्यादा माल ले जाकर कंटेनर निकासी तेज कर सकती हैं, टर्मिनलों पर दबाव घटा सकती हैं और माल ढुलाई में लगने वाले संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकती हैं। बिजली से चलने वाली ट्रेन सड़क परिवहन और डीजल पर निर्भरता कम करने में भी मदद कर सकती है।
पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे का उद्देश्य बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल की तेज, नियमित आवाजाही के लिए अलग रेल क्षमता तैयार करना है। डबल स्टैक परिचालन का लाभ तभी टिकाऊ होगा, जब मार्ग की ऊंचाई, टर्मिनल व्यवस्था और कंटेनर उतारने की क्षमता लगातार इस आकार की ट्रेनों का साथ दे। इससे सड़क और रेल के बीच माल परिवहन का संतुलन भी बदल सकता है, लेकिन इसका असर सेवा की नियमितता और समयबद्धता पर निर्भर करेगा। आगे देखने योग्य संकेत ऐसी ट्रेनों की आवृत्ति और JNPT पर कंटेनरों के रुकने के समय में बदलाव होंगे।
Source: bazaar.businesstoday.in
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