
झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की पांच घंटे की वार्ता बेनतीजा…
झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की पांच घंटे की वार्ता बेनतीजा रही। मंत्री सुदिव्य कुमार ने दावा किया कि 98% मांगें मान ली गई हैं, जिसमें 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना और ED जांच शामिल है। लेकिन छात्र CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। साथ ही JPSC के तीन सदस्यों, अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा, ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले 22 जुलाई को आयोग के चेयरमैन भी इस्तीफा दे चुके हैं। छात्रों ने सोमवार को विधानसभा तक मार्च निकालने की चेतावनी दी है।
कहा जा रहा है कि सरकार छात्रों की 98% मांगें मानकर भी आंदोलन नहीं रोक पाई। लेकिन सच यह है कि छात्र सीबीआई जांच और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। सरकार का तर्क है कि यह मामला कोर्ट में है। ऐसे में सिर्फ सरकार या छात्रों को दोष देना एकतरफा होगा। असली सवाल यह है कि क्या कोर्ट से सीबीआई जांच की अनुमति मिलने पर सरकार तुरंत आदेश देगी? यही तय करेगा कि झारखंड के युवाओं को न्याय मिलता है या आंदोलन लंबा खिंचता है।
Sources (2): aajtak.in, aajtak.in (2)
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.