
झारखंड सरकार ने JPSC परीक्षा विवाद में बड़ा ऐलान करते हुए 14वीं परीक्षा रद्द करने और ED से जांच कराने की बात कही है। मंत्री सुदीव्य कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया…
झारखंड सरकार ने JPSC परीक्षा विवाद में बड़ा ऐलान करते हुए 14वीं परीक्षा रद्द करने और ED से जांच कराने की बात कही है। मंत्री सुदीव्य कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की गहराई से जांच पहले से चल रही है। सरकार ने छात्रों से कल के प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने की अपील की है।
इस बीच, JPSC के तीन सदस्यों – अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा – ने राज्यपाल को इस्तीफा भेजा, जिसे मंजूर कर लिया गया। इससे पहले 22 जुलाई को JPSC चेयरपर्सन एल खियांग्ते भी इस्तीफा दे चुके हैं। सीआईडी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रही है और 10 अगस्त को अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ करेगी। सरकार का दावा है कि छात्रों की 98% मांगें मान ली गई हैं, लेकिन मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।
सरकार के 98% मांगें मानने के दावे के बावजूद छात्र आंदोलन जारी रखेंगे तो सवाल उठते हैं कि क्या बची 2% मांगों पर अड़ने से समस्या का हल नहीं निकलेगा। इससे यह लगता है कि कुछ तत्व स्थिति को राजनीतिक रंग दे रहे हैं, जबकि पारदर्शी एसओपी बनाने और सीआईडी जांच का सरकार का रुख साफ है। देखना होगा कि क्या छात्र नेता 10 अगस्त को होने वाली अजीता भट्टाचार्य की पूछताछ के नतीजों का इंतजार करेंगे या फिर सड़क पर उतरकर न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार करेंगे।
Source: aajtak.in
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