
करवा चौथ (27 अक्टूबर) पर लैब-ग्रोन डायमंड की मांग खदानी हीरों के मुकाबले बढ़ रही है। ये 70% तक सस्ते हैं, एक कैरेट लैब डायमंड ₹60,000 से ₹1.2 लाख में मिलता है जबकि खदानी ₹3 लाख या उससे अधिक का है। ऑकेरा की सीईओ लिसा मुखेड़कर के अनुसार ये 100% असली हैं, चमक और मजबूती में कोई अंतर नहीं है।
तैयार ज्वेलरी पर 3% जीएसटी लगता है जो सोने व प्राकृतिक हीरों के समान है, जबकि ढीले डायमंड पर केवल 0.25% जीएसटी है। सर्टिफिकेट पर 'Laboratory-Grown Diamond' लिखना अनिवार्य है, LGD या Lab Diamond मान्य नहीं है। मेकिंग चार्ज आमतौर पर सोने की कीमत का 10% से 25% होता है। खरीदारी से पहले रीसेल और एक्सचेंज नीति लिखित रूप में लेने की सलाह दी गई है।
लैब-ग्रोन डायमंड की मांग बढ़ने के बावजूद खरीदारों के लिए जीएसटी संरचना और हॉलमार्किंग के नियम अलग-अलग हैं। तैयार आभूषण पर 3% जीएसटी लगता है जबकि ढीले हीरे पर केवल 0.25%, जो जड़ने के बाद बढ़कर 3% हो जाता है। खरीदारी का निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि उपभोक्ता पुनर्विक्रय नीति और सर्टिफिकेट की जांच कितनी गंभीरता से करता है।
Source: bhaskar.com
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