
पहली सैलरी आने पर अक्सर युवा शॉपिंग या घूमने पर पैसा खर्च करने की सोचते हैं, लेकिन यही निवेश यात्रा की शुरुआत हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, FD, RD या SIP…
पहली सैलरी आने पर अक्सर युवा शॉपिंग या घूमने पर पैसा खर्च करने की सोचते हैं, लेकिन यही निवेश यात्रा की शुरुआत हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, FD, RD या SIP में से किसी एक को चुनने से पहले यह तय करना जरूरी है कि पैसा कब चाहिए, कितने समय के लिए निवेश करना है और कितना जोखिम उठा सकते हैं।
बाजार से जुड़ी खबर के मुताबिक, अगर आपके पास कोई बचत नहीं है तो पहले 3-6 महीने के खर्च के बराबर आपातकालीन फंड बनाना जरूरी है। FD कम जोखिम और तय रिटर्न के लिए उपयुक्त है, RD छोटे लक्ष्यों के लिए अच्छा है, और SIP लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न दे सकती है। विशेषज्ञ 500 या 1000 रुपये से भी SIP शुरू करने की सलाह देते हैं।
पहली सैलरी से निवेश की बात पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि SIP सबसे बेहतर है या FD सुरक्षित है। लेकिन यह आपके लक्ष्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। कम समय के लिए RD या FD सही हो सकता है, वहीं लंबी अवधि के लिए SIP में ज्यादा रिटर्न की संभावना है। जरूरी है कि पहले आपातकालीन फंड बनाएं, फिर निवेश शुरू करें। सवाल यह है कि क्या युवा अपनी पहली सैलरी का 20% भी निवेश कर पाते हैं?
Source: bazaar.businesstoday.in
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