
जापानी वित्तीय सेवा कंपनी Nomura Holdings की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में AI से जुड़ी नई नौकरियों की संख्या AI की वजह से खत्म हुई नौकरियों से कहीं ज्यादा…
जापानी वित्तीय सेवा कंपनी Nomura Holdings की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में AI से जुड़ी नई नौकरियों की संख्या AI की वजह से खत्म हुई नौकरियों से कहीं ज्यादा है। 2022 से अगस्त 2026 के बीच देश में AI से जुड़े 83,100 लोगों की भर्ती हुई, जबकि AI के कारण 31,921 कर्मचारियों की छंटनी या नौकरी छोड़ने के मामले दर्ज हुए।
अर्थशास्त्री सोनल वर्मा और सी यिंग टोह द्वारा एशिया के 69 मामलों के विश्लेषण के आधार पर रिपोर्ट में भारत को AI के रोजगार प्रभाव का 'ग्राउंड जीरो' बताया गया है। अधिकांश छंटनी सपोर्ट टीमों में हुई जहां चैटबॉट्स ने भूमिकाएं बदल दीं, जबकि IT कंपनियों ने नए ग्रेजुएट्स की भर्ती बढ़ाई। हालांकि Nomura ने चेताया कि एंट्री-लेवल कर्मचारियों की मांग घट रही है और अनुभवी पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है। एशिया में AI से 1.30 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुईं, जिनमें 90% टेक सेक्टर में थीं।
AI से नौकरियां खत्म होने की एकतरफा कहानी के बीच Nomura का यह आंकड़ा राहत देता है, लेकिन असली तस्वीर दो स्तरों वाली है। एक तरफ हायरिंग छंटनी से आगे है, दूसरी तरफ बदली गई नौकरियों के कर्मचारी AI इंजीनियरिंग जैसी नई भूमिकाओं में नहीं पहुंच पा रहे। सवाल यह है कि क्या रीस्किलिंग की रफ्तार टेक्नोलॉजी बदलाव के साथ चलेगी? अगले छह महीने में IT कंपनियों के कैंपस हायरिंग के आंकड़े इसका जवाब दे सकते हैं।
Source: bazaar.businesstoday.in
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