
वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय कॉफी का निर्यात 140 से अधिक देशों में हुआ। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के सवाल…
वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय कॉफी का निर्यात 140 से अधिक देशों में हुआ। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि UAE, लीबिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, मिस्र, कुवैत और UK जैसे उभरते बाजारों में निर्यात में उल्लेखनीय बढ़त हुई है। जिबूती, माइक्रोनेशिया और तिमोर-लेस्ते जैसे नए बाजार भी जुड़े हैं।
GI-टैग वाली 'वायनाड रोबस्टा कॉफी' को बढ़ावा देने के लिए कॉफी बोर्ड जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। GI-पंजीकृत अरेबिका और रोबस्टा कॉफी के औसत निर्यात मूल्य में क्रमशः 34.36% और 29.73% की वृद्धि हुई है। सरकार छोटे और आदिवासी किसानों को इंटीग्रेटेड कॉफी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सहायता भी दे रही है।
भारतीय कॉफी के 140 से अधिक देशों में पहुंचने की खबर स्वागत योग्य है, लेकिन उत्सव मनाने से पहले कुछ सवाल जरूरी हैं। निर्यात मूल्य में बढ़त का लाभ छोटे किसानों तक पहुंच रहा है या सिर्फ मध्यस्थों को? GI टैग से पहचान तो बढ़ी, लेकिन वायनाड जैसे क्षेत्रों में उत्पादकों को प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की असली चुनौती बनी हुई है। असली परीक्षा यह होगी कि अगले दो वित्त वर्षों में कॉफी निर्यात का वॉल्यूम और किसानों की आमदनी कितनी बढ़ती है।
Source: bazaar.businesstoday.in
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