
राज्यसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 38 विदेश यात्राओं पर Rs 482.92 करोड़ खर्च हुए। इसी अवधि में भारत को 381.8…
राज्यसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 38 विदेश यात्राओं पर Rs 482.92 करोड़ खर्च हुए। इसी अवधि में भारत को 381.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला। आजतक के मुताबिक, Rs 83 प्रति डॉलर की अनुमानित दर से यह करीब Rs 31.69 लाख करोड़ बैठता है। इस आधार पर यात्रा खर्च के हर Rs 1 के बदले करीब Rs 65,620 का FDI मिला। हालांकि, यह महज खर्च और निवेश की तुलना है। सरकार ने यह दावा नहीं किया कि यात्राओं के कारण ही निवेश आया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दौरों का उद्देश्य रिश्ते, व्यापार, निवेश और अन्य साझेदारियां बढ़ाना था।
हर विदेश यात्रा को निवेश की मशीन बताना उतना ही गलत है जितना उसे महज सरकारी दिखावा कहना। FDI कई आर्थिक, कारोबारी और वैश्विक कारणों से आता है, इसलिए कुल निवेश को यात्रा खर्च से सीधे जोड़ना मजबूत प्रमाण नहीं है। असली कसौटी होगी कि इन दौरों से जुड़े समझौते कितनी पूंजी, नौकरियां और परियोजनाएं वास्तव में भारत लाते हैं। सरकार को ऐसे समझौतों की सालाना प्रगति सार्वजनिक करनी चाहिए।
Source: aajtak.in
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