
सोने की कीमतों में लगातार पांच दिन की तेजी के बाद मंगलवार को हल्की नरमी देखने को मिली। बुलियन 0.3% गिरकर 4,644.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो पिछले सत्र में…
सोने की कीमतों में लगातार पांच दिन की तेजी के बाद मंगलवार को हल्की नरमी देखने को मिली। बुलियन 0.3% गिरकर 4,644.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो पिछले सत्र में तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद आई गिरावट है। हालांकि, पिछले एक हफ्ते में सोने ने करीब 7% की बढ़त दर्ज की है।

निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति पर है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में भाषण देंगे, जिससे महंगाई और ब्याज दरों के संकेत मिलने की उम्मीद है। बोस्टन फेड की अध्यक्ष सुसान कॉलिन्स ने फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने का समर्थन किया है।
गोल्ड ETF में भी निवेश बढ़ा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, पिछले हफ्ते इन फंड्स में 28 टन से ज्यादा सोना जुड़ा, जो जनवरी के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। अमेरिकी कर्ज और बजट घाटे की चिंता से निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
सोने की तेजी में 'डेबेसमेंट ट्रेड' एक बड़ी वजह बन रहा है, जिसमें निवेशक सरकारी बॉन्ड और करेंसी से दूर होकर सोने जैसी परिसंपत्तियों में पैसा लगाते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड मार्केट में हालिया दखल ने इस रुझान को और बढ़ाया है। सोना अब अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया है, जिसे तकनीकी तौर पर तेजी का संकेत माना जाता है। अब सबकी नजर 23 अगस्त को जैक्सन होल में पॉवेल के भाषण पर होगी, जो सितंबर की बैठक में फेड के ब्याज दर के फैसले का संकेत दे सकता है।
Source: bazaar.businesstoday.in
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