
A dry second week of August has erased the monsoon gains from the first week, pushing India’s cumulative rainfall deficit back to 10.5 per cent, the same level as on July 31,…
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के दूसरे सप्ताह में बारिश की कमी ने पहले सप्ताह की बढ़त को मिटा दिया है। इससे भारत में कुल वर्षा का घाटा फिर से 10.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है जो 31 जुलाई के स्तर के बराबर है। जहां पहले सप्ताह में यह कमी घटकर 9 प्रतिशत के सीजन के निचले स्तर पर आ गई थी वहीं दूसरे सप्ताह में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज से 10.5 प्रतिशत कम रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि कम बारिश वाले क्षेत्रों में नाममात्र का बदलाव हुआ है और यह आंकड़ा 7 अगस्त के 45.3 प्रतिशत से बढ़कर 14 अगस्त तक 45.4 प्रतिशत ही रहा है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि मौसमी घाटा लगभग 12 प्रतिशत है और सितंबर तक इसके 12 से 18 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। मानसून के अंतिम महीने के लिए पूर्वानुमान कमजोर है। दिल्ली-एनसीआर में स्वतंत्रता दिवस पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश की उम्मीद है। मध्य पूर्वी और उत्तरी भारत में अगस्त के शेष दिनों तक सक्रिय मानसून बना रहेगा।

मानसून के किसी हफ्ते में अधिक बारिश और किसी हफ्ते में सूखा पड़ने को लेकर शोर मचाना मौसम रिपोर्टिंग का हिस्सा बन गया है। हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे दोनों 10 से 12 प्रतिशत की कमी की बात कर रहे हैं जिसका अर्थ है कि यह कोई संकट नहीं बल्कि सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव है। आईएमडी का सामान्य बारिश का पूर्वानुमान तब तक सही है जब तक कि सितंबर का प्रदर्शन बहुत खराब न रहे। अब केवल 30 सितंबर के अंतिम आंकड़े मायने रखते हैं। क्या सितंबर की कमजोरी अनुमान को बिगाड़ सकती है?
स्रोत (2): hindustantimes.com, indiatoday.in
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