
Belagavi Deputy Commissioner has directed the National Highways Authority of India (NHAI) and the police to continuously identify accident-prone black spots across the district and share the data with engineers for immediate…
बेलागवी के उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और पुलिस को निर्देश दिया है कि वे जिले भर में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की लगातार पहचान करें और तत्काल सुधारात्मक उपायों के लिए इंजीनियरों के साथ डेटा साझा करें। 14 अगस्त 2026 को जारी यह निर्देश सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए ‘जीरो फेटलिटी’ योजना का हिस्सा है। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार उपायुक्त ने राजमार्गों और शहर की सड़कों पर मौतों को कम करने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है। अधिकारियों से चिन्हित स्थानों पर तेजी से काम करने को कहा गया है।
भारत की सड़कों पर होने वाली मौतें कई बीमारियों से ज्यादा हैं फिर भी हर जिला एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ‘जीरो फेटलिटी’ योजना की घोषणा करता है और बाद में कोई खास प्रगति नहीं होती। असली परीक्षा नारे की नहीं बल्कि इस बात की है कि क्या उपायुक्त मासिक समीक्षा बैठकें करते हैं और समय सीमा से चूकने वाले अधिकारियों का नाम लेते हैं। ब्लैक स्पॉट की जानकारी है और डेटा मौजूद है। कमी सिर्फ जवाबदेही की है। देखना यह है कि क्या NHAI सूची को सार्वजनिक करता है और क्या पुलिस हर तिमाही में इसे अपडेट करती है। अगर यह सूची केवल फाइलों तक सीमित रहती है तो यह योजना सिर्फ एक और कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगी।
स्रोत: deccanherald.com
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