
India's live events and entertainment market grew 44% to Rs 13,000 crore in 2026, according to a KPMG report. Every rupee spent on events generates Rs 1.46 in total economic activity through…
केपीएमजी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का लाइव इवेंट और एंटरटेनमेंट मार्केट 2026 में 44 फीसदी की बढ़त के साथ 13,000 करोड़ रुपये हो गया है। रिपोर्ट में पाया गया है कि इवेंट्स पर खर्च किए गए हर एक रुपये से यात्रा, होटल, रेस्टोरेंट और खरीदारी के जरिए कुल 1.46 रुपये की आर्थिक गतिविधि पैदा होती है। कुल खर्च में तीन चौथाई हिस्सेदारी बाहर से आने वाले पर्यटकों की है, जो स्थानीय लोगों की तुलना में पांच गुना अधिक खर्च करते हैं। ईजमायट्रिप के सीईओ रिकंत पिट्टी ने कहा कि 2025 में 5.6 लाख से अधिक भारतीयों ने कॉन्सर्ट के लिए शहरों की यात्रा की और प्रमुख कार्यक्रमों के दौरान मेजबान शहरों में होटल की मांग सालाना 30-35 फीसदी बढ़ जाती है। इवेंट्स एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन के विनोद गोपाल ने कहा कि बड़े कॉन्सर्ट के दौरान होटल की कीमतें सात अंकों तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की मांग करते हुए कहा कि चीन ने इवेंट्स के इर्द-गिर्द पूरे शहर बसाए हैं।
इवेंट-आधारित यात्रा को लेकर मचा शोर एक कठिन सवाल को नजरअंदाज करता है कि क्या बुनियादी ढांचा इसके साथ कदम मिला पाएगा। बड़े शो के दौरान होटल की कीमतें पहले ही सात अंकों तक पहुंच जाती हैं और केपीएमजी के अनुसार हर एक रुपये का खर्च 1.46 रुपये की आर्थिक गतिविधि पैदा करता है। इसके बावजूद भारत में चीन की तरह इवेंट्स को केंद्र में रखकर कोई शहर नहीं बनाया गया है। असली परीक्षा यह है कि क्या राज्य सरकारें इस मल्टीप्लायर इफेक्ट का उपयोग नए कन्वेंशन सेंटर और ट्रांजिट लिंक बनाने के लिए करेंगी या फिर मनमानी कीमतों के जरिए इस सुनहरे अवसर को खत्म होने देंगी।
स्रोत: thehindubusinessline.com
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