
Maharashtra FDA suspended 14 food business licences after a statewide inspection of 86 quick-commerce facilities on August 13. Five were linked to Blinkit, five to Zepto, and two to Instamart, along with…
महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन ने 13 अगस्त को राज्यभर में 86 क्विक-कॉमर्स केंद्रों का निरीक्षण करने के बाद 14 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें पांच लाइसेंस ब्लिंकिट के, पांच जेप्टो के, दो इंस्टामार्ट के और एक-एक लाइसेंस भगवती स्टोर तथा स्विनस्टा ईएनटी प्राइवेट लिमिटेड के हैं। FDA ने बताया कि एक केंद्र को परिचालन अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया गया और 60 सुधार नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि किसी भी लाइसेंस को रद्द नहीं किया गया है।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और भंडारण में गंभीर खामियां पाई गईं। घाटकोपर स्थित ब्लिंकिट केंद्र में निरीक्षणकर्ताओं को गंदे रैक, सड़ी हुई सब्जियां और कॉकरोच मिले (स्कोर 46 फीसदी)। अंधेरी स्थित जेप्टो आउटलेट में तापमान नियंत्रण की कमी और जरूरी दस्तावेजों का अभाव दिखा (47 फीसदी)। राजिदी रिटेल के एक केंद्र में चिकन का एक्सपायर्ड उत्पाद 0.4 डिग्री सेल्सियस के बजाय 8 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया था। पुणे में जेप्टो की एक इकाई में उत्पाद एक्सपायरी तारीख के बाद भी रखे हुए थे और स्विनस्टा ईएनटी में कॉकरोच मिलने के साथ ही कोल्ड-चेन की विफलताएं भी सामने आईं।
क्विक-कॉमर्स कंपनियां तकनीक आधारित ताजगी और तेज डिलीवरी का दावा करती हैं, लेकिन FDA के निष्कर्ष, कॉकरोच, सड़ी सब्जियां और गलत तापमान पर रखा गया एक्सपायर्ड मांस इनके मार्केटिंग दावों और वास्तविकता के बीच के बड़े अंतर को उजागर करते हैं। इसे विनियामक सख्ती मानकर शिकायत करने के बजाय आम भारतीयों को यह पूछना चाहिए कि इतनी बुनियादी खामियां केवल छापेमारी के दौरान ही क्यों पकड़ी गईं। अब असली परीक्षा यह नहीं है कि ये कंपनियां माफी मांगती हैं या नहीं, बल्कि यह है कि क्या वे अगले निरीक्षण से पहले अपने डार्क-स्टोर की स्थितियों में सुधार करती हैं।
स्रोत (2): ndtvprofit.com, rediff.com
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