
BJD president Naveen Patnaik has asked Odisha Chief Minister Mohan Charan Majhi to convene a special session of the State Assembly to oppose the Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill,…
बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से संसद द्वारा गुरुवार को पारित खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 का विरोध करने के लिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। पटनायक ने अपने पत्र में कहा कि यह विधेयक ओडिशा की वित्तीय स्वायत्तता छीनता है और खनिजों पर कर व उपकर लगाने का अधिकार खत्म करता है जिससे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का राजस्व खतरे में पड़ जाएगा। इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस विधेयक को काला कानून बताते हुए राज्यव्यापी विरोध की चेतावनी दी है।
सुर्खियों में इस माइनिंग बिल को कहीं संघवाद पर चोट तो कहीं समान नीति की जरूरत बताया जा रहा है। हालांकि इसे केंद्र बनाम राज्य की साधारण लड़ाई के रूप में देखना गलत होगा। ओडिशा और झारखंड स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए खनन राजस्व पर निर्भर हैं और केंद्र का कोई भी ऐसा कदम जो इस राजस्व को कम करे वह सबसे पहले गरीबों को प्रभावित करेगा। असली परीक्षा सर्वदलीय बैठक में सामने आएगा कि क्या सरकार कोई क्षतिपूर्ति तंत्र पेश करेगी या सिर्फ पारित विधेयक का बचाव करेगी। इसी से पता चलेगा कि संघवाद मजबूत हो रहा है या कमजोर।
स्रोत: thehindu.com
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