
Karnataka Home Minister Priyank Kharge has rejected BJP leader B L Santhosh’s claim that RSS workers protected his family from Razakars during the integration of Hyderabad with India. Kharge said the people…
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने भाजपा नेता बीएल संतोष के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि हैदराबाद के भारत में विलय के दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को रजाकारों से बचाया था। खड़गे ने कहा कि इस क्षेत्र की जनता की रक्षा सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और भारतीय सेना ने की थी। उन्होंने 1948 के उस सैन्य अभियान ऑपरेशन पोलो का हवाला दिया जिसके जरिए हैदराबाद का भारत में विलय हुआ था।
संतोष ने कहा था कि बंटवारे के दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने रजाकारों का सामना किया और हिंदुओं की रक्षा की, साथ ही उन्होंने दावा किया कि खड़गे परिवार हमलों से बचकर भागा था। प्रियंक खड़गे ने इसका खंडन किया और आरएसएस पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने संतोष द्वारा वीडी सावरकर और सुभाष चंद्र बोस की आईएनए के उल्लेख को लेकर भी सवाल उठाए। संतोष ने आरएसएस का बचाव करते हुए कहा कि उनका काम औपचारिक पंजीकरण पर निर्भर नहीं है।
यह बहस हिंसा और एकीकरण के जटिल दौर को केवल संगठनात्मक दावों तक सीमित कर देती है। संतोष का बयान ऑपरेशन पोलो के पीछे भारतीय सेना और राजनीतिक नेतृत्व की प्रमाणित भूमिका को मिटा नहीं सकता। खड़गे का पलटवार भी बिना किसी ठोस सबूत के आरएसएस पर व्यापक आरोप लगाता है। असली कसौटी यह होनी चाहिए कि 1947 और 1948 में प्रभावित जिलों में आरएसएस की गतिविधियों के बारे में उस समय के दस्तावेज क्या कहते हैं।
स्रोत: newindianexpress.com
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