
Prayagraj district authorities have begun verifying land parcels valued at about Rs 156 crore that are allegedly linked to the late Atiq Ahmed and his brother Ashraf Ahmed, Hindustan Times reports. The…
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज जिला प्रशासन ने दिवंगत अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद से जुड़ी करीब 156 करोड़ रुपये की जमीन की जांच शुरू कर दी है। यह सत्यापन कानूनी कुर्की की कार्यवाही में मदद करेगा। यह कदम कानून व्यवस्था देख रहे विशेष पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर उठाया गया है।
अधिकारियों ने ऐनउद्दीनपुर में 30 से अधिक कथित रूप से अतिक्रमण किए गए भूखंडों के अलावा कसारी मसारी और केसरिया रोड स्थित संपत्तियों तथा आईआईआईटी के पास एक कार्यालय की पहचान की है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण की जांच के लिए राजस्व अधिकारियों की एक टीम गठित की है। अधिकारियों का यह भी आरोप है कि अप्रैल 2023 में दोनों भाइयों की हत्या के बाद उनके सहयोगियों ने बेनामी संपत्तियों को बेचने की कोशिश की थी।
सबसे प्रमुख नैरेटिव या तो प्रत्येक पहचानी गई संपत्ति को अपराध की कमाई करार देंगे या फिर इस कवायद को नियमित उत्पीड़न बताकर खारिज कर देंगे। कोई भी निष्कर्ष केवल जमीन के सत्यापन से नहीं निकलता है। प्रत्येक भूखंड के लिए स्वामित्व का दस्तावेजी प्रमाण और अतिक्रमण का सबूत तथा कानूनी कुर्की आदेश की आवश्यकता होती है। असली परीक्षा यह है कि क्या प्रशासन मामले के अनुसार स्पष्ट निष्कर्ष सार्वजनिक करता है और क्या वे निष्कर्ष अदालती समीक्षा में टिक पाते हैं।
स्रोत: hindustantimes.com
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा तैयार की गई है।