
Union Minister Rao Inderjit Singh publicly questioned BJP national president Nitin Nabin at a Partition remembrance event in Gurugram on Friday over the exclusion of the local MP and legislators. Singh, a…
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मंच पर ही सवाल किया कि स्थानीय सांसद और विधायकों को कार्यक्रम में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया। गुरुग्राम से छह बार के लोकसभा सदस्य सिंह ने पूछा कि अपने ही क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में निर्वाचित प्रतिनिधियों को क्यों नहीं बुलाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि निमंत्रण पत्र और वक्ताओं की सूची से उनका नाम गायब था और प्रोटोकॉल व वरिष्ठता के मुद्दों पर वह कार्यक्रम से बाहर चले गए।
मुख्य अतिथि नबीन ने विभाजन के लिए कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता के लिए देश का बंटवारा किया। उन्होंने स्टार्टअप और खेलों में आज की पीढ़ी की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज का युवा भारत के लिए जीना और मरना चाहता है।
एक स्मृति कार्यक्रम में भाजपा की आंतरिक नाराजगी का सार्वजनिक होना पार्टी की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली की दरारों को उजागर करता है। प्रोटोकॉल और स्थानीय प्रतिनिधित्व को लेकर राव इंद्रजीत सिंह के तीखे सवाल पार्टी के अनुशासित और एकजुट होने के दावों को कमजोर करते हैं। दोनों पक्ष आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं जहां सिंह खुद को दरकिनार किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं तो नबीन कांग्रेस को दोष दे रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या पार्टी औपचारिक रूप से ऐसी अनदेखी पर संज्ञान लेती है या इसे नजरअंदाज करती है। क्या भाजपा अध्यक्ष अगले जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय सांसद को आमंत्रित करेंगे? यह मौन कदम किसी भी मंच के भाषण से कहीं अधिक प्रभावी होगा।
स्रोत: newindianexpress.com
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