
The Supreme Court on Friday quashed all FIRs and criminal proceedings against comedian Samay Raina and four other social media personalities over remarks on persons with disabilities made on the show 'India’s…
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉमेडियन समय रैना और चार अन्य सोशल मीडिया हस्तियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। यह मामला उनके शो इंडियाज गॉट लेटेंट में दिव्यांगों के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर था। पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की उसी एपिसोड पर की गई टिप्पणियों के बाद विवाद बढ़ा और कई शिकायतें दर्ज की गईं।
अदालत ने गौर किया कि इन कॉमेडियंस ने बाद में दिव्यांगों के लिए एक शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किया और फंड जुटाने वाले शो किए, जिससे एसएमए समुदाय के लिए लगभग 12.5 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। बेंच ने उन्हें बहुत होनहार युवा बताते हुए कहा कि उनके वास्तविक प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। अदालत ने पहले उन्हें सार्वजनिक माफी मांगने का निर्देश दिया था और अनुपालन न करने पर प्रत्येक पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
इस मामले को केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जीत या सेंसरशिप का नज़रिया देना गलत होगा। अदालत ने आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए सजा दी लेकिन केवल माफी तक सीमित न रहकर ठोस कार्रवाई के जरिए सुधार का रास्ता खुला रखा। जुटाए गए 12.5 करोड़ रुपये और शतरंज टूर्नामेंट यह दिखाते हैं कि सुधारात्मक न्याय कैसा हो सकता है। अब असली परीक्षा यह है कि क्या अन्य इन्फ्लुएंसर विवाद के मजबूर करने से पहले ही स्वेच्छा से सामुदायिक कार्यों में निवेश करेंगे?
स्रोत (2): timesofindia.indiatimes.com, businesstoday.in
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